गर्भावस्था के दौरान हर पत्‍नी को होती है अपने पति से ये 10 उम्‍मीदें !

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Expectations of a wife from husband during pregnancy

दरअसल गर्भावस्था वो समय है जब हार्मोनल चेंजेज की वजह से महिलाओं का मूड अक्‍सर स्विंग होता रहता है, तथा इस समय उनको बहुत ज्यादा केयर और देखभाल जरुरत होती है ! और ऐसे में महिलाएं अपने पति से बहुत सारी उम्‍मीदें रखती हैं। अतः इस वक्त हर पति को अपनी पत्‍नी के बाेले बिना ही उसके लिए वह सब करना चाहिए, जिसकी उम्मीद वह उससे रखती है।

तो आइये इस आर्टिकल में जानते हैं वो दस बातें, जिसकी उम्मीद हर पत्नी गर्भावस्था के दौरान अपने पति से रखती है !

(1) गर्भावस्था (Pregnancy) में हर औरत को खूब सारी एनर्जी की जरूरत होती है ! ऐसे में आपको, अपनी पत्नी के खान पान के अलावां इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि वो पर्याप्‍त नींद ले रही है या नहीं। अतः आप इस चीज का ध्यान अवश्य रखें इससे उन्हें बहुत अच्‍छा महसूस होगा।

(2) गर्भावस्‍था (Pregnancy) के दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत सारा बदलाव आता है और महिलाएं माेटी भी हाे जाती है। ऐसे में उनके आत्‍मविश्‍वास में भी कमी आती है इसलिए आप उन्‍हें लगातार इस बात का अहसास करवाते रहें कि वो आज भी आपके लिए पहले जितनी ही खूबसूरत हैं। आपके प्‍यार की इस गर्माहट से उनका आत्‍मविश्‍वास भी बना रहेगा तथा उन्हें बहुत अच्छा महसूस भी होगा।

(3) गर्भावस्था के दौरान हर महिला अपने शिशु की हरकतों पर अपने पति की प्रतिक्रिया जानने के लिए उत्‍सुक रहती हैं। इसलिए प्रेग्नेंसी के दाैरान अाप उनकी हर बात काे ध्‍यान से सुनें और अपने बच्चे की छोटी छोटी हरकतों पर ध्यान दें और अपनी प्यार भरी प्रतिक्रिया भी दें।

(4) गर्भावस्‍था के दौरान आप अपने पत्नी से प्‍यार जताने का तरीका बदलें। हमेशा कुछ नया और अच्छा करने की कोशिश करें, यदि आप चाहें तो अपनी पत्नी से पूछ सकते हैं कि अाप उनके लिए क्या करें, जाे उन्हें अच्छा लगे।

(5) गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल चेंजेज की वजह से महिलाओं का मूड लगातार स्विंग होते रहता है साथ ही उन्हें कई तरह की शारीरिक दिक्‍कतें भी होती है ऐसे में यदि आपकी पत्नी आपको कुछ बोल भी दे तो आप पत्‍नी की बोली गई हर बात को दिल पर न लें।

(6) गर्भावस्‍था का समय पति – पत्नी के रिश्ते के लिए बेहद अहम हाेता है। यह समय अापके रिश्ते काे बहुत ज्यादा मजबूत बनाता है। इसलिए आप अपने रिश्ते के लिए दिल से समर्पित रहे और इस दाैरान किसी भी तरह की गलती करने से बचें।

(7) गर्भावस्था में चौथे/पांचवे माह से शिशु पेट में हरकत करने लगता है तथा आपकी बातों को सुनने भी लगता है। इसलिए आपको अपने शिशु से बात करने का प्रयास भी करना चाहिए। इससे आप भी अपनी पत्‍नी की तरह अपने बच्‍चे से जुड़ पाएंगें।

(8) गर्भावस्था के दौरान कभी भी दिन में, या रात में एक बार अपनी पत्नी के सिर, पैर, कमर या किसी भी अंग की मालिश करें। अाप की ये केयरिंग नेचर उन्हें बेहद खुशी देगी।

(9) आप किताबें पढ़कर अपने पत्नी के शरीर और दिमाग में चल रहे बदलावों के बारे में जान सकते हैं। इसके अलावा ऐसे कई प्रेग्‍नेंसी एप्‍प भी हैं, जिनसे टिप्स लेकर अाप अपनी पत्नी और हाेने वाले बच्चे की केयर कर सकते हैं।

(10) डॉक्‍टर की अपॉइंटमेंट के लिए हमेशा फ्री रहे, ताकि समय से पत्नी काे डॉक्‍टर के पास ले जा सकें। अगर अाप इसे भूल जाते हैं या टाइम से नहीं अा पाते, ताे अापकी पत्नी का गुस्सा हाेना लाजमी है। जबकि प्रेग्नेंसी में अापके जीवनसाथी का खुश रहना बेहद जरूरी है।

हम उम्मीद करते हैं की, हमारा ये संकलन आपको बेहद पसंद आया होगा ! और यदि आप हमे कोई सुझाव देना चाहते हैं अथवा हमसे कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से दे अथवा पूछ सकते हैं ! धन्यवाद् !!

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नमस्कार...!! इस खूबसूरत संकलन को आपलोगों के समक्ष ज्ञानवाटिका संपादन टीम के द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिसके प्रधान सम्पादक और एडमिन विकास कुमार तिवारी जी हैं. इस खूबसूरत संग्रह को बनाने और आपके समक्ष लाने में कई दिन और कई रातों का सतत प्रयास शामिल है, और हम आगे भी इसी निष्ठा से आपके समक्ष महत्वपूर्ण तथा अनमोल जानकारियों को संकलित कर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं...! इसके साथ ही हम इस बात के लिए भी आशान्वीत हैं की आप सभी अपना महत्वपूर्ण सुझाव देकर, इस खूबसूरत संकलन को और खूबसूरत बनाने में हमारी मदद अवश्य करेंगे !

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