भारत के पाँच बेहतरीन हिल स्टेशन जिनका मजा आप गर्मियों में उठा सकते हैं !

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best hill station of india for summer holiday

वैसे तो गर्मी की छुटियों को बिताने के लिए भारत में कई खूबसूरत जगह हैं! भारतवर्ष के लगभग सभी कोने में प्रकृति ने अपने अनुपम सौंदर्य को पिरोया हुआ है ! कहीं खूबसूरत पहाड़ तो कहीं गहरे सागरों के किनारे, कहीं झीलों और बर्फों की वादियां, तो कहीं दूर दूर तक फैला हुआ रेगिस्तान ! लेकिन आज हम यहाँ आपके लिए जो लेकर आये हैं, वो है भारत के पाँच बेहतरीन हिल स्टेशन की जानकारी जिनका मजा आप गर्मियों में उठा सकते हैं !

(1) दार्जिलिंग : ‘दार्जिलिंग’ भारत के पश्चिम बंगाल राज्य का एक अत्यंत खूबसूरत शहर है, जिसे ‘पहाड़ो की रानी’ भी कहा जाता है ! दार्जिलिंग की हिमालयन रेलवे को युनेस्को द्वारा एक विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त है, साथ ही यह शहर अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर यहां की चाय के लिए प्रसिद्ध है ! गर्मियों की छुट्टी को बिताने के लिए यह भारत के खूबसूरत स्थानों में से एक है, जहाँ हर वर्ष लाखों की संख्या में सैलानी आते हैं !

Tea Gardens Darjeeling

दार्जिलिंग में घूमने के लिए कई खूबसूरत स्थान हैं, जिनमे टाइगर हिल्स, कालिंपोंग, दार्जिलिंग की टॉय ट्रेन, जापानी मंदिर, बतासिया लूप, और यहाँ के चाय बागान प्रमुख हैं !

कैसे पहुंचे : दार्जिलिंग आने के लिए यहाँ का सबसे पास का हवाई अड्डा बागडोगरा (सिलीगुड़ी) है जो की दार्जिलिंग से लगभग 90 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है, यहाँ से आप टैक्सी लेकर दार्जिलिंग पहुंच सकते हैं ! यदि आप यहाँ ट्रेन से आना चाहते है, तो जलपाईगुड़ी यहाँ का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है, यहाँ से भी आप टैक्सी लेकर आसानी से दार्जिलिंग पहुंच सकते हैं !

दार्जिलिंग के बारे में अधिक जानकारी के लिए पढ़े : अत्यंत खूबसूरत और रोमांचक है, पहाड़ों की रानी ‘दार्जिलिंग’ !

(2) लोनावला और खंडाला : भारतवर्ष की मायानगरी कहे जाने वाले प्रसिद्ध महानगर ‘मुंबई’ से करीब 90 किलोमीटर की दुरी बसा महाराष्ट्र का लोनावला एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है ! लोनावला को प्राकृतिक सुंदरता विरासत में मिली है. मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी और शोर-शराबे से दूर यह जगह तन-मन को बहुत सुकून पहुंचाती है. इसके आसपास रहने वाले लोग अक्सर वीकेंड पर यहीं भागे चले आते हैं. मई से लेकर अक्टूबर तक लोनावला का मौसम अत्यंत सुहाना रहता है, क्योंकि इस दौरान यहाँ हलकी बारिश होती है और इस मौसम में यहां की हरियाली लाजवाब होती है.

यहाँ घूमने के लिए ढेर सारी जगहें हैं. कहीं भी खड़े होकर आप यहां की खूबसूरत वादियों के दिलकश नजारे का लुत्फ उठा सकते हैं. और यदि ट्रैकिंग का मन हो तो पहाड़ पर चढ़ने की सुविधा भी मौजूद है. ट्रैकिंग करते समय पहाड़ों के हरे भरे नजारों का लुत्फ़ लिया जा सकता है. इसके अलावा यहाँ घूमने वाली खास जगहों में वलवन डैम, रोज गार्डन, वैक्स म्यूजियम, भाजा और करला केव्स, बूशी डैम, लोहागढ़ किला, लोनावला लेक और रेवुड पार्क प्रमुख हैं ! साथ ही यहाँ से कुछ ही दुरी पर खंडाला स्थित है! कहा जाता है की खंडाला जितना खूबसूरत है उतना ही खतरनाक भी है ! यहाँ पर कई सारे सुसाइड पॉइंट्स हैं, जिन्हे देखकर रूह काँप जाती हैं !

कैसे पहुंचे : मुंबई से सड़क मार्ग (मुंबई – पुणे एक्सप्रेसवे) से यहां तक आने में तीन घंटे लगते हैं. यदि आप भारत के किसी भी शहर से यहाँ ट्रेन से आना चाहें तो सबसे पहले आपको मुंबई या पुणे आना होगा जो की देश के सभी रेल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है ! फिर मुंबई से पुणे या पुणे से मुंबई की ओर जाने वाली किसी भी ट्रेन से आप लोनावला आ सकते है. हवाई जहाज से आने के लिए यहाँ से सबसे निकटतम एयरपोर्ट छत्रपति शिवाजी टर्मिनल मुंबई है ! वहां से आप टैक्सी से आसानी से लोनावला पहुँच सकते हैं !

(3) माउंटआबू : समुद्र तल से 1200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माउंटआबू, भारतवर्ष के राजस्थान के राज्य का एक मात्र और एक अत्यंत खूबसूरत हिल स्टेशन हैं ! माउंटआबू को राजस्थान का स्वर्ग भी कहा जाता है ! यहाँ बड़ी संख्या में देश विदेश से लोग गर्मियों में छुट्टियां बिताने जाते हैं ! नीलगिरि की पहाड़ियों पर बसे माउंटआबू की भौगोलिक स्थिती और वातावरण राजस्थान के अन्य शहरों से भिन्न व मनोरम है। यह स्थान राज्य के अन्य हिस्सों की तरह गर्म नहीं है। माउंट आबू हिन्दू और जैन धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल है। यहाँ बने हुए ऐतिहासिक मंदिर और यहाँ की प्राकृतिक ख़ूबसूरती पर्यटकों का मन मोह लेते हैं।

Mountabu

माउंटआबू में घूमने के लिए कई खूबसूरत स्थान हैं, जिनमे टाइगर हिल्स, कालिंपोंग, दार्जिलिंग की टॉय ट्रेन, जापानी मंदिर, बतासिया लूप, और यहाँ के चाय बागान प्रमुख हैं !

कैसे पहुंचे : माउंटआबू आने के लिए आप सड़क मार्ग, रेल मार्ग और वायु मार्ग किसी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं ! यदि आप हवाई मार्ग से आना चाहते हैं तो यहाँ से सबसे निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर यहाँ से 185 किलोमीटर दूर है। उदयपुर से माउंट आबू पहुँचने के लिए बस या टैक्सी की सेवाएँ ली जा सकती हैं। रेल मार्ग से यहाँ आने के लिए सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन आबू रोड 28 किलोमीटर की दूरी पर है जो अहमदाबाद, दिल्ली, जयपुर और जोधपुर से जुड़ा है। और यदि आप सड़क मार्ग से यहाँ आना चाहते हैं तो माउंट आबू देश के सभी प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग के जरिए जुड़ा है। देश की राजधानी दिल्ली के कश्मीरी गेट बस अड्डे से माउंट आबू के लिए सीधी बस सेवा है। राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें दिल्ली के अलावा अनेक शहरों से माउंट आबू के लिए अपनी सेवाएं मुहैया कराती हैं।

(4) शिलांग : यूं तो देश के उत्तर-पूर्व के सभी राज्यों में एक से एक खूबसूरत पर्यटन स्थल हैं, लेकिन प्रकृति प्रेमियों के लिए शिलांग घूमना एक शानदार विकल्प हो सकता है! पूर्वोत्तर का स्कॉटलैंड कहा जाने वाला शिलांग, भारतवर्ष के मेघालय राज्य की राजधानी तथा एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। हरे भरे घने जंगल, अनुपम प्राकृतिक छटा, बादलों से ढंके पहाड़, फूलों से आती मीठी-मीठी खूशबू शिलांग पर्यटन की खासियत है। एक ओर जहां शिलांग हरयाली से अटा पड़ा है, वहीं दूसरी ओर शहर की शहरी शैली वाली जिंदगी शिलांग पर्यटन को बहुआयामी बना देती है।

Shilong, Meghalya

शिलांग में घूमने वाली जगहों में शिलांग पीक, एलिफेंटा फॉल (हाथी झरना), स्वीट फॉल (मीठा झरना), लेडी हैदरी पार्क, वार्डस झील और पुलिस बाजार प्रमुख है ! साथ ही यहाँ से करीब 54 किलोमीटर की दुरी पर बसा ‘चेरापूंजी’ विश्वप्रसिद्ध है, जो की दुनियाभर में सर्वाधिक बारिश के लिए जाना जाता है। हाल ही में इस जगह का नाम चेरापूंजी से बदलकर सोहरा रख दिया गया है। इसके नजदीक ही नोहकालीकाई झरना है, जिसे शिलांग आनेवाले पर्यटक जरूर देखने जाते हैं। साथ ही यहां कई गुफाएं भी हैं, जो की कई किलोमीटर लम्बी हैं। चेरापूंजी बांगलादेश सीमा से काफी करीब है, इसलिए यहां से बांगलादेश को भी देखा जा सकता है।

कैसे पहुंचे : नेशनल हाइवे 40 के जरिए शिलांग देश के बाकी हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है। एनएच 40 शिलांग को गुवाहाटी से जोड़ता है। मुख्य शहर से 30 किमी दूर उमरोई में एयरपोर्ट भी है, लेकिन जनवरी 2013 से यह एयरपोर्ट बंद पड़ा है। यदि आप रेलमार्ग से यहाँ आना चाहते हैं तो सबसे नजदीकी स्टेशन गुवहाटी है जो की असम राज्य की राजधानी है और यहाँ से 115 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है ! गुवहाटी से आप यहाँ टैक्सी से सड़क मार्ग के द्वारा आ सकते हैं !

(5) ऊटी : कर्नाटक और तमिलनाडु की सीमा पर नीलगिरी की सुंदर पहाड़ियों में बसा ऊटी तमिलनाडु का बेहद खूबसूरत और रोमांटिक स्थल है, जो की अपने मनोरम दृश्यों के लिए विश्व विख्यात है। इतना ही नहीं इसकी खूबसूरती के कारण इसे दक्षिण भारत के पहाड़ों की रानी की संज्ञा दी गयी है ! वैसे तो इस शहर का आधिकारिक नाम उटकमंड है, लेकिन पर्यटकों की सुविधा के लिए इसे ऊटी का संक्षिप्त नाम दिया गया है। गर्मियों में यहाँ का मौसम बहुत ही सुहाना होता है ! यह देश का प्रमुख हिल स्टेशन होने के साथ साथ हनीमून कपल के लिए भी इंडिया के बेस्‍ट डेस्‍टिनेशन में से एक माना जाता है ! दार्जिलिंग टॉय ट्रेन की तरह यहाँ की नीलगिरी माउंटेन रेल को भी यूनेस्को ने विश्व धरोहर का दर्जा दिया है, जो की मेट्टुपालियम से चलकर हरे भरे जंगलों के बीच 10 स्टेशनों से होते हुए आपको ऊटी पहुंचाती है !

ऊटी में घूमने वाली जगहों में सबसे पहला नाम यहाँ के बॉटनिकल गार्डन का आता है, यह गार्डन 22 एकड़ में फैला हुआ है। और यहां लगभग 650 दुर्लभ किस्म के पेड़-पौधों के साथ-साथ, अद्भुत ऑर्किड, रंगबिरंगे लिली के फूल, ख़ूबसूरत झाड़ियां व 2000 हज़ार साल पुराने पेड़ के अवशेष देखने को मिलते हैं। इसके अलावां यहाँ घूमने वाली जगहों में ऊटी झील, डोडाबेट्टा चोटी, कालहट्टी जलप्रपात, फ्लॉवर शो, कोटागिरी हिल इत्यादि प्रमुख है, जिनके लिए ऊटी पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।

कैसे पहुंचें : यदि आप वायुमार्ग से यहाँ आना चाहते हैं तो यहां का निकटतम हवाई अड्डा कोयंबटूर है। साथ ही रेल मार्ग से भी आने के लिए यहाँ का निकटतम रेलवे स्टेशन कोयंबटूर जंक्शन है। सड़क मार्ग से आने के लिए आप राजमार्ग 17 से मड्डुर और मैसूर होते हुए बांदीपुर के रास्ते मदुमलाई रिजर्व तक पहूँच सकते हैं। यहां से ऊटी की दूरी केवल 67 किमी है, जो की सड़क मार्ग से आसानी से तय की जा सकती है।

हम उम्मीद करते हैं की आपको हमारा ये संकलन पसंद आया होगा ! और यदि आप हमे कोई सुझाव देना चाहते हैं अथवा हमसे कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से दे अथवा पूछ सकते हैं ! धन्यवाद् !!

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नमस्कार...!! इस खूबसूरत संकलन को आपलोगों के समक्ष ज्ञानवाटिका संपादन टीम के द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिसके प्रधान सम्पादक और एडमिन विकास कुमार तिवारी जी हैं. इस खूबसूरत संग्रह को बनाने और आपके समक्ष लाने में कई दिन और कई रातों का सतत प्रयास शामिल है, और हम आगे भी इसी निष्ठा से आपके समक्ष महत्वपूर्ण तथा अनमोल जानकारियों को संकलित कर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं...! इसके साथ ही हम इस बात के लिए भी आशान्वीत हैं की आप सभी अपना महत्वपूर्ण सुझाव देकर, इस खूबसूरत संकलन को और खूबसूरत बनाने में हमारी मदद अवश्य करेंगे !

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