दैनिक मानसिक तनाव से होनेवाले दुष्प्रभाव से कैसे बचें?

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how to get rid of daily mental stress

दरअसल मानसिक तनाव आज के भाग दौर भरे जीवन में भूख और प्यास की तरह आम हो चूका है, जीससे लगभग हर व्यक्ति ग्रसित है ! ये एक ऐसी समस्या है जो ना जाने कितनी बिमारियों को पैदा करती है ! यहाँ हम मानसिक तनाव के कारण और लक्षण तथा उससे होने वाले दुष्प्रभाव एवं निवारण पर चर्चा करेंगे ! यदि आप भी मानसिक तनाव से ग्रस्त हैं तो हमारा ये संकलन आपके लिए बहुत सहायक होगा !

तो आइये हम सबसे पहले जानते हैं की मानसिक तनाव यानि (Stress) क्या है?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में चिंता होना आम बात है ! यह चिंता किसी भी प्रकार की हो सकती है, जैसे करियर को लेकर चिंता, घर-परिवार को लेकर व्यक्तिगत चिंता, बच्चों की चिंता, ऑफिस के वर्क लोड की चिंता, स्वास्थ अथवा भविष्य की चिंता इत्यादि ! आज के समय में शायद ही कोई ऐसा होगा जो किसी न किसी बात को लेकर चिंतित न हो ! लेकिन जब यही चिंता बहुत ज्यादा बढ़ जाती है तो आपकी सकारात्मक सोंच को दूर कर आपमें नकारात्मक सोंच को भर देती है और यहाँ से मानसिक तनाव या स्ट्रेस शुरुआत होती है जिसके चपेट में आकर आप धीरे धीरे अवसादग्रस्त हो जाते हैं और तब ये चिंता आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती है ! अगर ये लम्बे समय तक बानी रहे तो आपको मनोरोग, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, डायबिटीज, पेप्टिक अल्सर, सिर दर्द, माइग्रेन, डिप्रेशन, हिस्टीरिया, मस्तिष्क रक्तस्राव और माइग्रेन जैसे बिमारियों की चपेट में ले लेती है और कभी कभी तो हालात इतने बदतर हो जाते हैं की इंसान को ह्रदय घात अथवा ब्रेन स्ट्रोक तक हो जाता है और ऐसे में उसकी मौत भी हो जाती है ! तो इसे हल्के में लेना ठीक नहीं है।

अक्सर चिंता पर काबू पाने के बारे में जानकारी ना होने से लोग अवसादग्रस्त हो जाते हैं और फिर धीरे धीरे अन्य बिमारियों की चपेट में आ जाते हैं। यहाँ तक की लोग दूसरे लोगों से मिलना, उनसे बात करना सब छोड़ देते हैं जो कि गलत है। आइए अब हम जानते हैं चिंता या मानसिक तनाव के प्रमुख कारण तथा उसको खत्म करने के उपायों के बारे में।

मानसिक तनाव के प्रमुख कारण :
मानसिक तनाव बढ़ने के प्रमुख कारणों में आप जो चाहते हैं वह न होना, भय, चिंता, जलन , क्रोध, आर्थिक समस्या, व्यापार में हानि, मुकदमेबाजी में उलझना, गृह कलह, दांपत्य जीवन में दरार, हीन भावनाएं, अंतर्द्धद्ध, काम का बोझ बढ़ना, घर में पारिवारिक समस्याएं आदि होते हैं। दरअसल ये समस्याएं हमारे अंदर नकारात्मकता को बढ़ावा देने लगती है, और जब नकारात्मकता अत्यधिक हो जाती है तब हमारे मन को दो विभिन्न प्रकार की इच्छाएं, आवेश या प्रवृत्तियां परस्पर विरोधी दिशाओं में खींचना शुरू कर देती हैं, जो अंतर्द्धद्ध एवं मानसिक तनाव पैदा करता है।

मानसिक तनाव के लक्षण :
इस रोग के लक्षणों में शारीरिक और मानसिक थकान, सिर दर्द, काम में मन न लगना, एकाग्रता का अभाव, अरुचि, उत्साह की कमी, नींद में कमी, दिल की धड़कन का बढ़ना, सामाजिक संबंधों में उदासीनता, डिप्रेशन, हिस्टीरिया इत्यादि देखने को मिलते हैं। मानसिक परेशानियाँ इंसान के स्वास्थ्य को दीमक की तरह चाटती हैं। आठ घंटे के शारीरिक श्रम से मनुष्य की इतनी शक्ति नष्ट नहीं होती, जितनी आधे घंटे की मानसिक तनाव से हो जाती है। अतः इसका निदान अति आवश्यक है।

मानसिक तनाव से बचने के उपाये :
मानसिक तनाव से उबरने के लिए सबसे पहले आपको अपने अंदर की नकारात्मकता को मिटाकर सकारात्मक बनना होगा ! हमने नकारात्मकता को दूर करने के बारे में पहले एक आर्टिकल लिखा हुआ है जो की आपके लिए बहुत सहायक होगा, यदि आप उसे पढ़ना चाहते हैं तो निचे दिए हुए इस लिंक को क्लिक कर के पढ़ सकते हैं !

नकारात्मकता और डर को अपने जीवन से दूर कैसे करें ?

इसके अलावा मानसिक तनाव से निबटने के लिए निचे दिए बिंदुओं पर विशेष ध्यान दें !

(1) कभी भी किसी प्रकार की चिंता में डूबे न रहें, बल्कि उस परेशानी से निकलने के उपाए ढूंढे।
(2) किसी भी कार्य को टालने की प्रवृत्ति न बनाएं, तथा कार्य इस सीमा तक भी न करें, जिससे अधिक थकान हो जाये।
(3) अपने मित्रों, रिश्तेदारों से बड़ी-बड़ी आशाएं न लगाएं।
(4) रोने के मौकों पर अपने आंसू न रोकें साथ ही क्रोध न करें और न ही उसे दबा कर रखें।
(5) मानसिक तनाव से बचने के लिए अपनी “क्षमता और महत्त्वाकांक्षा” के बीच संयोजन बना कर रखें, क्योंकि इच्छाएं असीमित होती है।

मेडिकल साइंस के विशेषज्ञों के अनुसार अनुसार मानसिक तनाव से ग्रस्त रोगी का इलाज दवाओं से भी किया जा सकता है। ऐसे रोगी साइकोथेरॉपी से भी स्वास्थ्य लाभ कर सकते हैं और इलाज की आधुनिकतम शैली बिहेवियर थेरॉपी है, आप उससे भी स्वस्थ हो सकते हैं। किंतु सबसे बेहतर और सबसे कारगर उपाय रोगग्रस्त व्यक्ति का स्वयं अपना इलाज करने में है। प्रत्येक व्यक्ति को यह जानना चाहिए कि तनावग्रस्त होने की स्थिति में उससे छुटकारा पाने के लिए उसे क्या करना चाहिए। जब तक वह यह नहीं जानेगा, तनाव से मुक्त नहीं हो सकेगा।

हम आपके सफल और सुखद जीवन की कामना करते हैं, साथ ही उम्मीद करते हैं की आपको हमारा ये संकलन बहुत पसंद आया होगा, अगर इससे आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है तो हम समझेंगे की हमारी मेहनत सार्थक हुयी। यदि आप हमे कोई सुझाव देना चाहते हैं अथवा आप कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में दे या पूछ सकते हैं। धन्यवाद !

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