सैनिटरी पैड बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें (How to start sanitary pad manufacturing business)?

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How to start sanitary pad manufacturing business

अभी कुछ दिन पहले अक्षय कुमार की एक फिल्म आयी थी ‘पैडमैन’, जिसमे ये दिखाया गया था की कैसे तमाम बंदिशों और रूढ़िवादी मानसकिकताओं के बावजूद साऊथ इंडिया के ‘अरुणाचलम मुरुगनाथम’ ने सेनेटरी पैड को बनाने की शुरुआत की थी और कैसे तमाम दुविधाओं से लड़ते हुए उन्होंने इसे एक महान व्यवसाय में तब्दील किया था ! ऐसे में यदि आप भी इस व्यवसाय की शुरुआत करना चाहते हैं तो हम इस आर्टिकल में आपको बताने जा रहे हैं की सैनिटरी पैड बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें !

हालांकि हमारा देश आज के समय में तीव्र गति से विकास की तरफ आगे बढ़ रहा है, लेकिन आज भी देश के बहुत सारे ग्रामीण इलाके ऐसे हैं जहाँ अशिक्षा और रूढ़िवादी मानसिकताओं ने लोगों को जकर रखा है, या यूँ कहें की वहाँ लोगों में जानकारी का आभाव है ! कुछ यही बात सैनेटरी नैपकीन के बारे में जानकारी के ऊपर भी लागू होती है !

कुछ दिन पहले, सैनिटरी नैपकिन ब्रांड इप्सॉस और स्वतंत्र शोधकर्ताओं के द्वारा इस सन्दर्भ में भारत के ग्रामीण इलाकों में एक सर्वे किया गया था ! और सर्वे में जो जानकारी निकल कर आयी, वो बिलकुल हैरान कर देने वाली थी ! सर्वे में यह पाया गया कि, आज भी हमारे देश के ग्रामीण इलाकों में लगभग 66 प्रतिशत लड़कियां पीरियड्स के समय बरती जाने वाली सावधानियों और साफ-सफाई के बारे में जानती तक नहीं हैं। वहीं 12 फीसदी लड़कियों तक तो सैनिटरी पैड पहुंचता ही नहीं है। और यदि पैड के बारे में मालूम भी हो, तो भी 67 प्रतिशत महिलाएं इसका इस्तेमाल नहीं करतीं। और इसका मात्र एक कारण है पैड का महंगा होना।

और ऐसे में हमारे हिसाब से इस व्यवसाय में अभी अपार संभावनाएं हैं ! साथ ही यदि आप इस बिज़नेस को छोटे शहरों और गांव में शुरू करते हैं, तो आप पैड बेच कर मुनाफे कमाने के साथ साथ समाज सेवा का काम भी कर सकते है ! साथ ही यदि आपके द्वारा बनाये जाने वाले पैड की क्वालिटी अच्छी होगी और यदि आप उसे लोगों तक पॉकेट फ्रेंडली रेट्स में पहुँचाते है, तो यकीन मानिये आपका बिजनेस जमकर चलेगा। और तो और चूंकि यह स्वच्छता से जुड़ा बिजनेस है, इसलिये स्वास्थ्य मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, ग्रामीण मंत्रालय और समाजसेवी संगठन भी आपके उद्योग को बढ़ावा दे सकते हैं।

अब बात आती है की यह स‍ब कैसे संभव होगा, उसके लिये हम आपको ले चलते हैं कर्नाटक के तोरणगल्लू। यह कर्णाटक राज्य का एक छोटा सा कस्बा है, जो की बेल्लारी और होस्पेट के बीच स्थित है। यहां पर सुरक्षा सैनिटरी नैपकिन प्रोडक्शन एवं ट्रेनिंग सेंटर में चार से पांच लोगों का स्टाफ है, जो ग्रामीण महिलाओं के लिये सस्ती दरों पर सैनिटरी पैड बनाता है। यह केंद्र जेएसडब्ल्यू की सोशल सर्विस के तहत संचालित है।

यदि आप चाहें तो, इस संस्था की मदद से इस बिज़नेस को शुरू करने और चलने की फ्री ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं साथ ही मात्र 15000 रुपये की निजी लागत से आप इस व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं। वैसे तो इस व्यापार को शुरू करने के लिए आपको लगभग 1.5 लाख रुपये की जरुरत होती है, लेकिन इसमें से 1.35 लाख का लोन आपको भारत सरकार के द्वारा शुरू किये गए ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ से मिल जाता है !

अब यदि आप एक दिन में करीब 1440 सेनेटरी नैपकिन तैयार करते हैं और एक पैकेट में 8 नैपकिन भी रखी जाती हैं तो आप एक साल में 54000 पैकेट तैयार कर सकते हैं ! और यदि एक पैकेट की कीमत आप 13 रुपये भी रखते है तो आप साल भर में लगभग 7 लाख रुपये की बिक्री करते हैं! और यदि इस आय में से व्यवसाय को चलाने तथा सैनिटरी पैड बनाने की पूरी लागत को निकाल दिया जाये तो भी आप साल में कम से कम 2 लाख रुपये तक की बचत इसमें आसानी से कर सकते हैं !

हम उम्मीद करते हैं की, सैनिटरी पैड के व्यवसाय को शुरू करने के बारे में हमारा ये संकलन आपको बेहद पसंद आया होगा ! यदि आप हमे कोई सुझाव देना चाहते हैं अथवा हमसे कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से दे अथवा पूछ सकते हैं ! धन्यवाद् !!

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