कीजिये कुछ आसान उपाए और डायबिटीज को कहिये बाय बाय !

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Permanent Cure of Diabities

आजकल की भाग दौर भरी जिंदगी, अनियमित खान पान और दूषित दिनचर्या, साथ ही शारीरिक श्रम की कमी ! बस यहीं से जन्म होता है “डायबिटीज” का, जिसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है ! तो यदि आप या आपके परिवार में कोई भी इस बीमारी से ग्रस्त हैं, तो यहाँ आज हम आपको इस आर्टिकल में इसका हल बताने जा रहे हैं ! जी हाँ, कीजिये कुछ आसान उपाए और डायबिटीज को कहिये बाय बाय !

हालांकि डायबिटीज अथवा मधुमेह एक बार हो जाने के बाद हमेशा के लिए ख़त्म नहीं किया जा सकता, लेकिन यदि आप इस आर्टिकल में दिए गए उपायों को नियमित रूप से करते हैं तो आप अपने Blood Sugar को हमेशा कण्ट्रोल में रख कर एक प्रकार से डायबिटीज से मुक्त हो सकते हैं साथ ही आपको जीवन भर अंग्रेजी दवाओं के सेवन से भी मुक्ति मिल सकती है !

तो आइये सबसे पहले जानते हैं की डायबिटीज क्या है तथा यह क्यों होता है ?

हम दैनिक जीवन में जो भी खाना और पेय पदार्थ ग्रहण करते हैं, उसे हमारी पाचन ग्रंथियां कई तरह के हार्मोन्स और एनर्जी में परिवर्तित करती हैं। उसी में से एक हार्मोन होता है ‘इंसुलिन ‘, जब हमारे शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन का पहुंचना कम हो जाता है तो हमारे खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को ही डायबिटीज कहा जाता है।

दरअसल इंसुलिन एक हार्मोन है जिसका निर्माण हमारे शरीर में पाचक ग्रंथि के द्वारा होता है। इसका कार्य शरीर के अंदर भोजन को एनर्जी में बदलने का होता है। यही वह हार्मोन होता है जो हमारे शरीर में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है। और जब हमारा शरीर मधुमेह अथवा डॉयबिटीज़ से ग्रसित हो जाता है, तो हमारे शरीर को भोजन से एनर्जी बनाने में कठिनाई होने लगती है। और इस स्थिति में रक्त में ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है।

डायबिटीज के कारण जब हमारे शरीर में इंसुलिन का निर्माण कम होने लगता है, तो रक्त में शुगर की मात्रा अधिक हो जाती है, और फिर इसका निष्कासन मूत्र के जरिए होता है। इसी कारण डायबिटीज रोगी को बार-बार पेशाब भी आता है। हालांकि पहले यह बीमारी 40-50 साल की उम्र के बाद होती थी, लेकिन अब बदलते माहौल और लाइफ स्‍टाइल के कारण डायबिटीज ने युवाओं, नौजवानों और छोटे बच्‍चों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया हैं, और इसका मुख्य कारण उनका बिगड़ी जीवनशैली, रहन-सहन और खानपान है। आपका समय पर ना खाना, बहुत अधिक जंकफूड खाना या आपका मोटापा बढ़ना डायबिटीज का मुख्य कारक है। साथ ही अनियंत्रित वजन होने, बहुत अधिक मीठा खाने, नियमित रूप से बाहर का खाना खाने, कम पानी पीने, एक्सरसाइज ना करने, खाने के बाद तुरंत सो जाने या ज्यादा समय तक लगातार बैठे रहने के कारण भी डायबिटीज होता हैं। इसके अलावां यह वंशानुगत भी होता है। यदि आपके परिवार के किसी भी सदस्य (मां-बाप, भाई-बहन इत्यादि) को डायबिटीज है तो भविष्य में आपको भी डायबिटीज होने की आशंका बढ़ जाती है।

डायबिटीज, शुगर अथवा मधुमेह होने के लक्षण !

(1) बार बार पेशाब का होना
(2) ज्यादा प्यास लगना
(3) हमेशा थकान महसूस होना
(4) लगातार वजन का कम होना इत्यादि

हालांकि कई बार आपको ये लक्षण देरी से भी दिखाई देते हैं या नहीं भी देते है, अतः सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से 35 वर्ष की उम्र के बाद आपको प्रत्येक वर्ष एक बार Blood Sugar की जाँच अवश्य करानी चाहिए ! और यदि आपके ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ी हुयी हो या बॉर्डर लाइन पर हो तो नियमित उपाय के द्वारा आप इसे आसानी से कण्ट्रोल कर सकते हैं !

ब्लड शुगर (Blood Sugar) को कण्ट्रोल करने के आसान उपाए !

(1) पैदल चलना : शुगर के मरीजों को प्रतिदिन कम से कम 5,000 कदम पैदल चलने की आदत डालनी चाहिए, यह आपको फ़ीट रखने के साथ साथ आपके ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित रखता है ! साथ ही इससे आपका वजन भी नियंत्रित रहता है !

(2) व्यायाम : शुगर के मरीजों को नियमित रूप से कम से कम 30 मिनट व्यायाम करने की आदत डालनी चाहिए, यदि आप चाहें तो कोई जिम वगैरह भी ज्वाइन कर सकते हैं ! ध्यान रखें की आप जितना पसीना बहाएंगे आपका वजन उतना हीं संयमित रहेगा और साथ ही इससे आपके ब्लड शुगर का स्तर भी सामान्य होगा !

(3) योगा : यदि आप चाहें तो योगा की मदद से भी, अपने ब्लड शुगर लेवल को कण्ट्रोल कर सकते हैं ! इसके लिए आप नियमित रूप से प्राणायाम, बालासन, वज्रासन, चक्रासन एवं सेतु बंधासन का अभ्यास कर सकते हैं ! ये पाँचो आसान आपके ब्लड शुगर लेवल को नार्मल करने के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होंगे !

इसके साथ साथ शुगर के मरीजों को अपने खान पान पर विशेष ध्यान देना होता है ! शुगर के मरीजों को जितना हो सके हेल्दी फूड्स खाने चाहिए, साथ ही उन्हें ज्यादा मीठा, एवं हाई कार्ब्स वाले भोजन नहीं लेना चाहिए ! इसके अलावां यदि आप निचे दिए गए आसान घरेलु आयुर्वेदिक उपायों को अपनायें तो आप अपने ब्लड शुगर लेवल को हमेशा के लिए सामान्य स्तर पर रख कर डायबिटीज से मुक्ति पा सकते हैं !  

ब्लड शुगर (Blood Sugar) को कण्ट्रोल करने के आसान घरेलु आयुर्वेदिक उपाए !

(1) निम्बू पानी का सेवन : शुगर के मरीजों को नियमित रूप से सुबह सुबह अपने दिन की शुरुआत गुनगुने निम्बू पानी के साथ करना चाहिए, यह आपकी पाचन क्रियाओं को दुरुस्त रखने के साथ साथ आपके ब्लड शुगर को भी नियंत्रित करता है !

(2) आंवला एवं ऐलोवेरा : हम सब जानते हैं की आँवला में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो की हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं, और यदि आप इसमें एलोवेरा मिला दें फिर तो सोने पे सुहागा हो जाता है ! आँवला और एलोवेरा का रस हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को दुरुस्त करने में काफी मददगार है ! अतः शुगर के मरीजों को दिन में एक बार इसका सेवन जरूर करना चाहिए !

(3) करेले का रस : यदि आप नियमित रूप से सुबह खाली पेट 1 ग्लास ताजे करेले का रस पीते हैं तो यह 30 से 45 दिनों में आपके ब्लड शुगर लेवल को सामान्य कर देता है !

(4) मेथी दाना : शुगर के मरीजों के लिए मेथी दाने का सेवन अमृत समान है, यदि आप चाहें तो इसे पाउडर के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन ज्यादा लाभ लेने के लिए 2 चम्मच मेथी के दानों को रात को 1 ग्लास पानी में भिंगो दें और सुबह खाली पेट उन मेथी दानों को चबा चबा कर खा लें और उस पानी को पी जाएँ ! यदि आप इस प्रयोग को लगातार करें तो कुछ ही महीनों में आपका शुगर नार्मल हो सकता है !

(5) अंकुरित गेहूं का सेवन : अंकुरित गेहूं, जिसे जिसे वीट जर्म भी कहते हैं, गेहूं की गुठली का सबसे अहम हिस्‍सा होता है और यह डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी चमत्‍कार से कम नहीं है। दरअसल, अंकुरित गेहूं का सेवन ब्लड शुगर स्तर को सामान्य करने के साथ साथ आपको मोटापा, कब्‍जियत, इम्‍यून पॉवर में कमी, या फिर दिल की बीमारी से भी राहत देता है। इसके लिए आप एक या दो मुट्ठी गेहूँ के दानों को रात को पानी में भिंगो दें और सुबह उसे किसी सुत्ती कपड़े में निकालकर बाँध दें, तथा 4 – 5 घंटे पर उसपर पानी के छींटे देते रहें। अगली सुबह जब दाने अंकुरित हो जाएँ तो चबा चबा कर उसका सेवन करें, यदि आप चाहें तो इसमें मेथी दानो को भी मिला सकते हैं ! यह आपके ब्लड शुगर को तो सामान्य करता ही है, साथ ही आपकी पुरे शरीर के लिए फायदेमंद है !

(6) दालचीनी की चाय : दालचीनी में भी शुगर को कम करने की क्षमता होती है, यदि आप चाहें तो इसकी चाय बनाकर पी सकते हैं अथवा इसे पाउडर के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं !

(7) जामुन के छाल का रस : यदि बनाना संभव हो तो जामुन के पेड़ की छाल निकालकर उसका रस निकालकर पियें, यह ब्लड शुगर को तेजी से कम करता है, लेकिन यदि यह संभव नहीं तो आप बाजार से किसी अच्छे कंपनी का जामुन स्वरस या करेला – जामुन स्वरस भी ले सकते हैं ! इसके अलावां जामुन की गुठलियों के पाउडर का सेवन भी ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य बनाये रखने में मदद करता है !

हम आपके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना करते हैं ! साथ ही उम्मीद करते हैं, की ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके या आपके परिवार एवं मित्रगणों के लिए लाभप्रद सिद्ध होगी ! तो यदि आपके जानने वालों में कोई भी शुगर से परेशान है, तो आप इस जानकारी को उससे साझा करें ! और यदि आप हमे कोई सुझाव देना चाहते हैं अथवा हमसे कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से दे अथवा पूछ सकते हैं ! धन्यवाद् !!

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नमस्कार...!! इस खूबसूरत संकलन को आपलोगों के समक्ष ज्ञानवाटिका संपादन टीम के द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिसके प्रधान सम्पादक और एडमिन विकास कुमार तिवारी जी हैं. इस खूबसूरत संग्रह को बनाने और आपके समक्ष लाने में कई दिन और कई रातों का सतत प्रयास शामिल है, और हम आगे भी इसी निष्ठा से आपके समक्ष महत्वपूर्ण तथा अनमोल जानकारियों को संकलित कर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं...! इसके साथ ही हम इस बात के लिए भी आशान्वीत हैं की आप सभी अपना महत्वपूर्ण सुझाव देकर, इस खूबसूरत संकलन को और खूबसूरत बनाने में हमारी मदद अवश्य करेंगे !

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