अपनाइये पॉजिटिव सोंच को बढ़ाने के इन टिप्स को और लिख दीजिये अपनी सफलता की नयी कहानी !

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positive thought process to enhance success

सकारात्मकता और नकारात्मकता दोनों ही हमारे सोंच तथा हमारी जीवन शैली का परिणाम है ! नकारात्मकता जहाँ एक तरफ आपके अंदर अवसाद भर देती है वहीँ दूसरी तरफ सकारात्मकता आपके भीतर एक नयी ऊर्जा का प्रसार करती है, तो अपनाइये पॉजिटिव सोंच को बढ़ाने के इन टिप्स को और लिख दीजिये अपनी सफलता की नयी कहानी !

आईये हम यहाँ जानते हैं की अपने पॉजिटिव सोंच को कैसे बढायें और कैसे लिखें सफलता की नयी इबारत !

दरअसल नकारात्मकता एक ऐसी खाई है जो की आपके जीवन को हर मोड़ पर बहुत बड़ी तरह से प्रभावित कर देती है। फिर चाहे वो आपका करियर हो, आपके रिलेशन हों, आपका परिवार हो, आपका व्यवसाय हो या आपके जीवन का कोई और पहलु। ये संभवतः हर कदम पर पर आपको अवसाद में ले जाती है और आपको बहुत नुकसान पहुँचाती है।

वहीँ सकारात्मकता आपके अंदर न केवल उर्जा का संचार करती है बल्कि आपको एक बेहतर इनसान भी बनाती है। इसलिए सकारात्‍मक सोच बढ़ाने की कोशिश की जानी चाहिए। सकारात्मक सोच के बिना व्‍यक्ति के अंदर नेतृत्व क्षमता का विकास संभव नहीं हो सकता है। आज के भागम भाग भरी जिंदगी में हमारे चारो तरफ नकारात्मकता इस हद तक फैली हुयी है, की अगर जीवन में थोड़ी सी भी परेशानी आ जाए तो मन चाहकर भी सकारात्मक नहीं सोंच पाता। हमारी महत्वाकांक्षाएं, एक दूसरे के बिच की प्रतिस्पर्धा और आगे निकलने की होर के बिच भागते हुए कहीं न कहीं पीछे छूटने का डर, हमारे जेहन में इस कदर समा चूका है की हमारी सकारात्मक सोंच पूरी तरह नकारात्मक हो चुकी है और हम सफलता के तरफ भागते हुए भी सफलता प्राप्त नहीं कर पाते।

हम सबने शायद अपनी सोच की शक्ति के बारे में जरूर सुना होगा, ये हमारी सोच ही है, जो हमारी सफल होने की संभावना को निर्धारित करती है। हम जानते हैं कि सकारात्मक सोच जीवन के कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जबकि नकारात्मक सोच स्वयं ही हमारे जीवन को तबाह कर देती है। आमतौर पर सकारात्मक सोच हमें हमेशा खुश रखती है, और सफलता की ओर ले जाती है। जबकि नकारात्मक सोच हमें दुखी, उदास, तनावपूर्ण, और जीवन से छुटकारा पाने के विचार की ओर ले जाती है। इसलिए अच्छी और रचनात्मक सोच सफलता और उपलब्धियों के लिए बहुत जरूरी है। अब यदि हमे डर और नकारात्मकता से बाहर होना है तो हमे बदलाव के अकॉर्डिंग खुद को बदलना होगा, अपनी सोच विकसित करनी होगी, सिखने की आदत डालनी होगी, अपनी क्षमता को पहचान कर उसे भरपूर ऊर्जा देनी होगी और यदि ऐसा करें तो नकारत्मकता और डर स्वतः हमारे जीवन से धीरे धीरे दूर हो जाते हैं, और हम एक स्वस्थ और सुखद जीवन प्राप्त करते हैं।

हम यहाँ कुछ फोकस पॉइंट्स पर चर्चा करेंगे, जिस पर यदि हम अमल करें तो नकारत्मकता और डर दोनों को अपने जीवन से हमेशा हमेशा के लिए दूर कर हम एक नया इतिहास लिख सकते हैं। आइये जानते हैं की वो मूल बिंदु कौन कौन से हैं।

(1) I CAN के सिद्धांत को अपनायें : दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं, एक वे जो कहते हैं कि I CAN”T और दूसरे वे जो कहते हैं I CAN. I CAN का सिद्धांत मानने वालों के लिए किसी भी चैलेंज को स्वीकार करना या लाइफ में रिस्क लेना मुश्किल नहीं होता है, और वही लोग जीवन में सफलता की बुलंदियों को छू पाते हैं। तो सबसे पहले हमें अपनी सोच या attitude को सकारात्मक बना कर I CAN के सिद्धांत को फॉलो करना होगा।

(2) अपनी चुनौतियों का सामना नए तरीके से करें : हमे अपनी पुरानी सोच कि, ये काम बहुत कठिन है यह नही हो सकता, इसे बदलना होगा। इन बातों के स्थान पर, यह हो जायगा, ये मैं कर सकता हूँ जैसी भावना लाएं। हो सकता है ऐसी बहुत सी चीजे हों जिन पर हमारा पूरा नियंत्रण ना हो लेकिन यदि हम अपनी पूरी सामर्थ्य और मन को उस काम करने में लगाते हैं तो हमें बाद में कोई पछतावा नही रहता। चुनौतियों का सामना साहस के साथ करो ना कि विकास के अनुभव में रुकावट की तरह।

(3) एकदम सही ढंग से समस्या को समझें : समस्या चाहे जो भी हो, जबतक हम समस्या को सही से समझ नहीं लेते या समझने से भागते हैं , तबतक वो हमारे मन में नकारात्मकता और दर पैदा करती है। लेकिन जैसे ही हमने समस्या को समझ लिया, उस समस्या को लेकर हमारे मन में बैठा हमारा डर और हमारी नकारात्मकता स्वतः ख़त्म हो जाती है। और इसके बाद धीरे धीरे हमे उस समस्या का समाधान मिल जाता है और हम स्वतः उस समस्या से बहार निकल आते हैं।

(4) जीवन में सकारात्मक शब्दों का प्रयोग करें : कहते हैं की ‘शब्द ब्रह्मा है और ब्रह्म सत्य है’, जी हाँ ये बिलकुल सत्य है, दरअसल हमारी सोच से ज्यादा प्रभावी हमारे शब्द होते हैं। आप वो हैं जो आप अपने बारे में सोचते हैं। आप अपने जीवन के बारे में जो बोलते हैं, वैसा ही आपका जीवन होता है। जो भी आप बोलते हैं आपका दिमाग वही सुनता है। इसलिए हमेशा अपने लिए अच्छे, सरल और सुंदर शब्दों का प्रयोग करें आप देखेंगे आपका जीवन एक अलग तरह के प्रकाश से चमक उठेगा। आपने अपने जीवन के लिए जो मार्ग चुना है उसमे आपको अधिक आनंद मिलेगा। हमेशा अपने शब्दों में सकरात्मक रहें।

(5) अवरोधों को पहचाने और उसे दूर करें : समस्या से घिरे होना समस्या नहीं है, उस समस्या का समाधान न ढूँढना समस्या है। उदाहरण के लिए एक नई नौकरी के लिए अप्लाई करने से बहुत डरना या अपनी वर्तमान आरामदायक और आसान दिनचर्या को छोड़ने के लिए बहुत आलसी होना, ये बहुत बड़ी समस्या है ना की नौकरी पाना और कोई बड़ा और कठिन काम शुरू करना। अतः इस तरह के अपने मानसिक अवरोधों को पहचाने और उसे खुद पर हावी न होने दे, किसी भी मुद्दे को लॉजिकल तरके से सोंचे और उसपर त्वरित निर्णय लें तथा तुरंत अपने निर्णय को एक्शन में बदल दे। साथ ही अपने आस पास के अवरोधों को भी हटायें, और अगर हटा नहीं सकते तो अवरोधों से जितना हो सके दूर होने की कोशिश करें।

(6) अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उसे अपना जूनून बना लें : अपने जीवन को बदलना बहुत मुश्किल है अगर आप जानते ही ना हों कि किस दिशा में जाना है? इसके लिए सबसे ज्यादा जरुरी है आपका कोई लक्ष्य या सपना होना जिसे पूरा करने के लिए संघर्ष किया जा सके। जैसे ही आपने अपना लक्ष्य निर्धारित किया आप देखेंगे की रास्ते स्वतः बनते चले जाएंगे, अब बस आपको जरुरत होगी अपने लक्ष्य को अपना जूनून बनाने की, फिर देखिये आपकी मंजिल आपके कदम चूमेगी।

(7) रिलैक्स करें : इन सभी कामों के साथ साथ आपको जरुरत होती है एक नयी ऊर्जा की ताजगी की, इसके लिए मॉर्निंग वाक, कुछ देर एक्सरर्साइज़ अथवा योग नित्य रूप से जरूर करें। इसके साथ यदि आपकी कोई हॉबी है जैसे की गिटार बजाना, सिंगिंग या कुछ और तो उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाये, समय अपने परिवार और दोस्तों के साथ बिताएं। शेयर और केयर की आदत अपनाये।

जैसे ही आप इन बातों को अपने ऊपर लागू करते हैं, कुछ ही महीने में आप पाएंगे की आपके जीवन से समस्याएं, नकारात्मकता और डर ये सब बिलकुल ख़त्म हो चुके हैं, आप पूरी तरह से सकारात्मक हो चुके हैं और आपका जीवन स्वस्थ, सुखद और सफल हो चूका है।

हम आपके सफल और सुखद जीवन की कामना करते हैं, साथ ही उम्मीद करते हैं की आपको हमारा ये संकलन बहुत पसंद आया होगा, अगर इससे आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है तो हम समझेंगे की हमारी मेहनत सार्थक हुयी। यदि आप हमे कोई सुझाव देना चाहते हैं अथवा आप कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में दे या पूछ सकते हैं। धन्यवाद !

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नमस्कार...!! इस खूबसूरत संकलन को आपलोगों के समक्ष ज्ञानवाटिका संपादन टीम के द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिसके प्रधान सम्पादक और एडमिन विकास कुमार तिवारी जी हैं. इस खूबसूरत संग्रह को बनाने और आपके समक्ष लाने में कई दिन और कई रातों का सतत प्रयास शामिल है, और हम आगे भी इसी निष्ठा से आपके समक्ष महत्वपूर्ण तथा अनमोल जानकारियों को संकलित कर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं...! इसके साथ ही हम इस बात के लिए भी आशान्वीत हैं की आप सभी अपना महत्वपूर्ण सुझाव देकर, इस खूबसूरत संकलन को और खूबसूरत बनाने में हमारी मदद अवश्य करेंगे !

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