शादीशुदा जिंदगी में तनाव के मुख्य कारण और उनके निदान !

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shadishuda jindagi me tanav ke karan aur nidan

पति पत्नी का रिश्ता जितना अलग होता है उतना ही खास भी होता है, दो व्यक्ति जो की एक दूसरे को जानते भी नहीं है, जिंदगी के सफर में एक दूसरे का हाथ थम कर चलने के लिए तैयार हो जाते है, और चुकी वे एक दूसरे के बारे में ज्यादा नहीं जानते और इस वजह से उनके बीच के रिश्ते में थोड़ा बहुत उतार चढ़ाव चलता रहता है, परंतु कई बार जब कुछ गलत बातें जैसे की एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश करना, या दूसरे को हमेशा गलत और अपने आप को सही साबित करने की कोशिश में यदि आप लगे रहते तो आपके रिश्ते में तनाव होने लगता है। ऐसे में हम आज यहाँ उन बातों पर प्रकाश डालेंगे जिनकी वजह से पति पत्नी के रिश्ते में तनाव आता है !

(1) हर वक़्त अपने आप को ही सही साबित करने की कोशिश करना : अक्सर ऐसा देखा जाता है की जब पति पत्नी में आपसी अनबन होती है और दोनों में से यदि कोई एक हमेशा अपने आप को ही सही और दूसरे को हमेशा गलत दिखाने की कोशिश करता है, तो ऐसे में मन का प्यार की जगह धीरे धीरे कड़वाहट उमड़ने लगती है, और इस कारण धीरे धीरे पति और पत्नी का रिश्ता इस कगार पर पहुँच जाता है, की रिश्तों के बिच हर पल तनाव रहना शुरू हो जाता है।

(2) एक दूसरे को अहमियत और बराबरी का दर्जा न देना : पति और पत्नी के रिश्ते में दोनों ही शादी शुदा जिंदगी के दो पिलर होते हैं, ऐसे में रिश्ते में दोनों की बराबरी जरुरी होती है, और दोनों को ही एक दूसरे को ये दर्जा देना होता है ! और ये बात केवल दिखावे के लिए नहीं बल्कि एक दूसरे के लिए पूरे मन से निभानी होती है! हमेशा एक दूसरे की राय को बराबर मान्यता देनी होती है ! ऐसा ना होकर यदि पति पत्नी के रिश्ते में एक दूसरे को हमेशा नीचा दिखाने की बात शुरू हो जाती है, तो ऐसे रिश्ते में कभी भी प्यार नहीं पनपता है, हमेशा लड़ाई झगड़ा शुरू हो जाता है, जिसके कारण पति पत्नी के बीच तनाव उत्त्पन्न हो जाता है।

(3) आर्थिक स्थिति का अनुकूल ना होना : एक अंग्रेजी कहावत है “When Poverty Comes to door, Love flies away from the window”. जी हाँ ये बिलकुल सत्य है अगर पति पत्नी में से कोई एक भी अपनी आर्थिक स्थिति को ध्यान में ना रखकर खर्च करना शुरू कर देता है या अक्सर उसी हिसाब से प्लानिंग बनाना शुरू कर देता है तो इसके कारण रिश्तों में तनाव आना शुरू हो जाता है ! क्योंकि बगैर सोचे समझे खर्च करने से जब बजट बिगड़ना शुरू होता है तो ऐसे में कई बार रेगुलर खर्चे के लिए भी पैसे नहीं रहते है, जिसके कारण बात बात में इस बात को लेकर दोनों एक दूसरे को ब्लेम करने लगते है, और दोनों के बीच कलह शुरू हो जाता है, फलस्वरूप दोनों के बीच तनाव उत्त्पन्न हो जाता है।

(4) आपसी तालमेल न होना : यदि पति पत्नी में आपसी तालमेल नहीं होता है, अथवा उनकी सोच नहीं मिलती है, तो उनके बीच में हर एक बात को लेकर बहस होने लगती है, जिसके कारण छोटी छोटी बात कई बार कलह का कारण बन जाती है, जिसके कारण पति पत्नी आपस में बात करना भी नहीं पसंद नहीं करते है, और हमेशा एक दूसरे को गलत ठहराने की ही कोशिश में लगे रहते है, इसके कारण भी पति पत्नी के बीच में तनाव उत्पन्न हो जाता है।

(5) आलसी बनना या एक दूसरे के प्रति केयरिंग न होना : अक्सर देखा गया है आलस्य की वजह से भी पति और पत्नी के बीच के तनाव हो जाता है, उदहारण के लिए : यदि पति को जल्दी ऑफिस जाना हो या कोई जरुरी काम हो और पत्नी सोई रहे या दो मिनट दो मिनट करती रहे, तो ऐसे में भी कलह बढ़ता है, जिसके कारण पति और पत्नी के बीच तनाव आ जाता है ! ठीक इसी तरह यदि पत्नी को कोई काम हो और पति आलसी बना रहे या उसपर ध्यान ना दे तो भी पति और पत्नी के बीच तनाव आ जाता है !

तो ये कुछ महत्वपूर्ण बातें है जिसके कारण पति और पत्नी के रिश्ते के बीच में तनाव आ जाता है, इसीलिए यदि आप पति और पत्नी के बीच के रिश्ते में हमेशा प्यार को बढ़ाना चाहते है और कभी भी लड़ाई या तनाव को नहीं आने देना चाहते है, तो आपको कभी भी अपने रिश्ते में इन चीजो को नहीं आने देना चाहिए, एक दूसरे पर हमेशा प्यार और विश्वास को बनाएं रखना चाहिए।

साथ ही यदि आप निचे दिए बातों पर ध्यान दे तो आपकी शादी शुदा जिंदगी हमेशा खुशनुमा बनी रहेगी !

(1) अपने जीवनसाथी का सम्मान करें और उसे प्राथमिकता दें : अगर आप एक खुशनुमा शादीशुदा जीवन बिताना चाहते हैं, तो आपको अपने जीवनसाथी का सम्मान करना आना बहुत जरुरी है, और ये बात पति और पत्नी दोनों को ध्यान में रखना चाहिए। आपको अपने जीवनसाथी को यह अहसास करना चाहिए कि वह आपके लिए महत्वपूर्ण है और इस बात का ख्याल दैनिक जीवन में आपको किसी भी निर्णय को लेते समय रखना चाहिए। अगर आप अपने जीवनसाथी से ऐसा व्यवहार करते हैं कि उनके मत से कोई फर्क नहीं पड़ता या हमेशा अंतिम निर्णय आपका ही होगा, तो निश्चित रूप से आपके शादीशुदा जीवन में असंतुलन पैदा होगा।

(2) अपने रिश्ते को वर्तमान में रखने का प्रयास करें : अगर आप अपने जीवनसाथी की परवाह करते हैं और एक स्वस्थ और फलप्रद रिश्ता रखना चाहते हैं, तो आपको आप दोनों द्वारा बीते हुए कल में की हुई गलतियों पर रुके नहीं रहना चाहिए, और अपने जीवनसाथी को उसकी गलतियों और असफलताओं की याद दिलाते नहीं रहना चाहिए; इसकी बजाय आपको, सकारात्मक व्यवहार को फिर से सुदृढ़ करने, वर्तमान समय का एक साथ आनंद उठाने और आगे आने वाली चीजों पर विचार करने पर काम करना चाहिए।

(3) कम्युनिकेशन को बेहतर बनायें : अगर आप अपनी शादी को खुशनुमा बनाना चाहते हैं, तो बातचीत बहुत ही महत्वपूर्ण है। आपको और आपके साथी को हर मुद्दों पर स्वस्थ बातचीत करनी चाहिए, विशेषतः उन बातो पर जिस पर आप दोनों को सहमत होना हो या जहाँ आप दोनों को एक साथ काम करना हो। साथ ही आपको बातचीत शुरू करने के पहले ही आपके साथी के विचारों और मूड का पता होना चाहिए, ताकि आप ये निर्णय ले सकें कि अभी आप जो बात करना चाहते हैं वो अभी करना चाहिए या नहीं।रोजाना ऐसा करना आपके बीच के कम्युनिकेशन को बेहतर करेगा और आपकी शादी को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखेगा। साथ ही यदि कभी आपके बिच अनबन होती है तो गुस्से में जानबूझ कर अपने साथी को चोट पहुँचाने के लिए कुछ क्रूर अथवा गलत शब्द ना कहें !

(4) अपने जीवनसाथी को प्यार का एहसास दिलायें : ऐसा कभी भी ना सोचे कि आपको “मैं तुमसे प्यार करता/करती हूँ” कहने की जरूरत नहीं है क्योंकि आपका, अपने साथी से यह कहना ‘की आप उससे कितना प्यार करते हैं’ आपके रिश्ते और प्यार को हमेशा जिवंत रखता है ! अतः आप इस बात का हमेशा ध्यान रखें। इसके अलावा जब आप अपना दिन शुरू कर रहे हों तब ऐसा प्यार भरा होने का प्रयास करना आपको बाकी पूरे दिन एक दूसरे के प्रति ज्यादा प्रेम भरा महसूस करवा सकता है, तो कोशिश करें की सुबह की चाय या कॉफी से पहले आप अपने साथी को उसके गालों पर एक प्यार भरा उष्ण चुम्बन देकर या गले लगा कर करें !

(5) एक दूसरे के लिए समय निकालें : जैसे जैसे आपकी शादीशुदा जिंदगी आगे बढ़ती है, जिम्मेदारियां भी साथ साथ बढ़ने लगती हैं ! और ऐसे में अक्सर आप अपने साथी के साथ वक़्त नहीं बिता पाते हैं ! ऐसे में आपको हर हफ्ते अकेले रहने का वो समय निकालना चाहिए, जब आप दोनों एक दूसरे के साथ हों। चाहे ऐसा करने के लिए आपको अपने मित्रों या परिवार के साथ बिताने वाले कुछ समय का त्याग ही क्यों ना करना पड़े। याद रखें कि अपने मित्र के जन्म दिन की पार्टी में जाना या अपने माता-पिता के घर पर डिनर करने जाना, एक दूसरे के साथ अकेले समय बिताने के समान नहीं है। अगर आपको लगता है कि आपका शेड्यूल बहुत ही ज्यादा व्यस्त हैं और आपको एक दूसरे के साथ अकेले समय नहीं मिल पाया है, तो आपको अपने जीवनसाथी के समय से कुछ मिनट चुराने से भी चूकना नहीं चाहिए, चाहे आप परिवार के साथ कहीं बाहर जाने पर एक दूसरे के साथ थोड़ा सा टहलने जाएँ या किसी पार्टी में एक दूसरे के साथ अकेले समय बिताएं।

(6) रोमांस को बनाये रखें : अगर आप अपनी शादी को खुशनुमा बनाए रखना चाहते हैं, तो आपको अपने बिच रोमांस को बनाये रखना होगा ! इसके लिए ऐसी छोटी छोटी चीजें करना ना भूलें जो आप में से हर एक को मुस्कुराने और प्रेम किए जाने का अहसास दे: चाहे वो अपने साथी के हाँथ को चूमना हो, उसे गले लगाना… छूना या चूमना हो, अपने साथी के व्यस्त होने पर घर के काम करना हो इत्यादि ! यह शारीरिक संपर्क और छोटी छोटी चीजें आपके संबंधों को मजबूत रखने और एक दूसरे के प्रति ज्यादा नजदीक महसूस करने में सहायक हो सकती है ! इसके अलावां आप एक दूसरे को छोटे छोटे उपहारों या प्रशंसा के टोकंस से सरप्राइज करें ! इसके अलावां अपने लाइफ में सेक्स को भी महत्वपूर्ण जगह दे, आपके साथी के साथ आपका हर वो खुशनुमा पल आपके प्यार को निरंतर बनाये रखता है।

(7) एक दूसरे से वास्तविक उम्मीदें रखें : अगर आप एक खुशहाल शादीशुदा जीवन जीना चाहते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि हर दिन एक सा नहीं होता और ना हीं आपकी उम्मीदों जैसा होता है। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं होता कि आपको आपको अपनी शादी को नीरस मान लेना चाहिए, बल्कि इसका मतलब यह है कि आपको इस तथ्य के लिए तैयार रहना चाहिए कि कुछ संघर्ष होंगे, कुछ दुःख भरे दिन होंगे, और कुछ दिन ऐसे भी होंगे जब आप अपने जीवनसाथी के साथ एक ही कमरे में नहीं रह पाएंगे। अब अगर आप अपनी शादी के हर रोज बिलकुल सुखद रहने की उम्मीद करते हैं, तो आप मायूसी को बुलावा दे रहें हैं। याद रखें कि आपकी ही तरह आपके जीवनसाथी में भी कमियाँ हैं। अगर आप परफेक्शन की उम्मीद करते हैं, तो आप सिर्फ उदासी और कड़वाहट महसूस करेंगे। अगर आपके जीवनसाथी में कुछ ऐसी कमियां हैं, जिन्हें उससे सुधरवाना चाहते हैं, जैसे हमेशा लेट होना, तो उसके साथ खुलकर ईमानदारी से इस बारे में बात करें, और अपनी बुरी आदत सुधारने के लिए भी तैयार रहें।

इसके अलावां आपको ये जरूर ध्यान रखना चाहिए की प्यार, सम्मान और शिष्टाचार खुशहाल शादीशुदा जीवन के मूल घटक हैं। अतः अपने साथी के प्रति ईमानदार बनें, एक दूसरे को समझें और एक दूसरे के प्रशंसक बनें, एक दूसरे को प्यार करें, सम्मान करें और एक दूसरे के साथ जितना हो सके अच्छा वक़्त बिताएं ! यदि आप इन बातों का ध्यान रखते हैं तो यकीन मानिये आपकी जिंदगी खुशियों से भर जायेगी !

हम उम्मीद करते हैं की आपको हमारा ये संकलन पसंद आया होगा ! और यदि आप हमे कोई सुझाव देना चाहते हैं अथवा हमसे कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से दे अथवा पूछ सकते हैं ! धन्यवाद् !!

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नमस्कार...!! इस खूबसूरत संकलन को आपलोगों के समक्ष ज्ञानवाटिका संपादन टीम के द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिसके प्रधान सम्पादक और एडमिन विकास कुमार तिवारी जी हैं. इस खूबसूरत संग्रह को बनाने और आपके समक्ष लाने में कई दिन और कई रातों का सतत प्रयास शामिल है, और हम आगे भी इसी निष्ठा से आपके समक्ष महत्वपूर्ण तथा अनमोल जानकारियों को संकलित कर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं...! इसके साथ ही हम इस बात के लिए भी आशान्वीत हैं की आप सभी अपना महत्वपूर्ण सुझाव देकर, इस खूबसूरत संकलन को और खूबसूरत बनाने में हमारी मदद अवश्य करेंगे !

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