Law of Attraction क्या है, और ये कैसे काम करता है ?

0
574
Law of Attraction

दोस्तों वर्ष 2007 में शाहरुख खान की एक फिल्म आयी थी “ओम शांति ओम”, उस फिल्म का एक फेमस डायलॉग है “अगर किसी चीज को दिल से चाहो, तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में जुट जाती है” ! जी हाँ ये महज एक डायलॉग नहीं बल्कि एक Universal Truth है, और यही है Law of Attraction यानि आकर्षण का सिद्धांत. तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की Law of Attraction क्या है, और ये कैसे काम करता है ?

आकर्षण का सिद्धांत Law of Attraction क्या है ?

दोस्तों एक प्रसिद्द कहावत है की “विचार ही जिंदगी बनाते है”…! जी हाँ यह सिर्फ कहावत नहीं बल्कि एक वास्तविकता है, हमारी जिंदगी पूरी तरह से हमारी सोंच पर निर्भर करती है ! हम जैसा सोचते हैं वैसा ही हम एक्ट करना शुरू करते हैं और फिर हमारी जिंदगी उसी रंग रूप में ढलना शुरू हो जाती है ! हमारे विचारों की यह शक्ति जिस सिद्धांत पर काम करती है, उसे ही Law of Attraction यानि आकर्षण का सिद्धांत कहा जाता है !

आकर्षण का सिद्धांत – इसका सीधा सा अर्थ है आकर्षित करना ! अर्थात् हम जिसे चाहे, जिस चीज को चाहें अपनी तरफ आकर्षित कर सकते है। अगर आप दुख, बीमारी, गरीबी चाहते है तो आप लगातार ऐसे ही विचार सोचना शुरू कर दीजिए यकीनन आपको गरीब बनने से कोई नहीं रोक पाएगा. उसके विपरीत अगर आप अमीर, लोकप्रिय, सुस्वास्थ्य, खुशी चाहते है तो खुशी, धन, सेहत के विचार सोचना शुरू कर दीजिए, और एक बार फिर, यकीनन आपको अमीर बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। यही आकर्षण का सिद्धांत है, आइये इस चीज को निचे दिए गए उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं !

हम सब जानते हैं की ‘चुंबक’ में लोहे या लोहे से बनी वस्तुओं को अपनी तरफ खींचने की शक्ति होती है ! अब जरा सोचिये, क्या चुंबक तांबा, पीतल, रबर, कांच आदि को अपनी ओर आकर्षित करती है ? नहीं ! क्योंकि चुंबक और लोहे की Frequency एक है, इसिलिए दोनों एक दूसरे को आकर्षित कर पाते है। ठीक इसी प्रकार इंसान के जीवन में उसके सोंच और विचारों की Frequency उसके एक्ट करने की Frequency को अपनी ओर खींचना शुरू कर देती है और फलस्वरूप उसके साथ वही होने लगता है, जो वो सोंचता है और फिर उसकी जिंदगी उसी तरह हो जाती है।

इस तथ्य को विज्ञान के द्वारा भी सत्यापित किया जा सकता है, आइये देखते हैं कैसे : दरअसल आकर्षण का सिद्धांत सीधे तौर पर हमारे मस्तिष्क से जुड़ा हुआ है। और विज्ञान इस चीज को साबित कर चूका है की हम जब भी कुछ सोंचते हैं तो हमारे दिमाग से कुछ किरणे निकलती हैं, अर्थात जब हम सकारात्मक सोचते हैं तो हमारे दिमाग से सकारात्मक किरणें निकलती हैं और जब हम नकारात्मक सोंचते हैं तो हमारे दिमाग से नकारात्मक किरणें निकलती हैं और वो फिर उसी तरह की चीजों को अपनी तरफ आकर्षित करना शुरू कर देती हैं !

अब बहुत से लोगों के मन में यह प्रश्न भी उठ सकता है की, क्या सिर्फ सोचने मात्र से ही हमे सब कुछ मिल जाएगा जैसा हम सोंच रहे हैं ! इसे जानने के लिए आइये हम जानते हैं की :

आकर्षण का सिद्धांत Law of Attraction कैसे काम करता है ?

दोस्तों इस सिद्धांत के अनुसार हमारी मंजिल तक हमे पहुंचाने के लिए हमारी सोंच पहली कड़ी होती है ! हमे हमारे जीवन में जो भी चाहिए, उसे हासिल करने के लिए सबसे पहले हमे उसके बारे में पॉजिटिव सोचना होता है ! और जब हम पॉजिटिव सोचना शुरू करते हैं, तो फिर हमारे दिमाग से उस चीज के अनुरूप पॉजिटिव किरणे निकलना शुरू करती हैं और पुरे ब्रह्माण्ड में उस चीज के अनुकूल मौजूद पॉजिटिव एनर्जी को हम तक खींच कर ले आती हैं, जिसकी वजह से हम स्वतः उस चीज को हासिल करने के दिशा में पॉजिटिव एक्ट करना शुरू कर देते हैं और फिर देखते ही देखते हम उस चीज को हासिल कर लेते हैं !

मैंने Law of Attraction को खुद के जीवन में कई बार अनुभव किया है, उदाहरण के लिए मैं आपको इसी वेबसाइट के बारे में आज बताना चाहता हूँ ! वर्षों पहले “कादम्बिनी” नाम की एक पत्रिका (Magazine) आती थी, मैं अपने स्कूल के उन दिनों उस पत्रिका को दिलचस्पी के साथ पढ़ा करता था ! अभी पिछले वर्ष जब मैं अपने आलमीरा की सफाई कर रहा था तो मुझे कादम्बिनी का एक संकलन मिला और अचानक मेरे दिमाग में एक फितूर सा आया की मुझे इसी तरह का एक ऑनलाइन पोर्टल / ब्लॉग बनाना है !
यकीन मानिये उस दिन मैं पुरे दिन इसी बारे में सोंच रहा था, स्वतः मेरे जेहन में कई नाम आने शुरू हो गए और अंततः मैं “ज्ञानवाटिका” नाम को फाइनल कर के इस नाम का डोमेन बुक कर लिया, अब मुद्दा ये था की वर्डप्रेस पे ब्लॉग बनाना था और मैंने कभी वर्डप्रेस पर काम नहीं किया था, फिर मैंने अपने एक मित्र “राहुल” से इस बारे में बात की और उसने मुझे एक थीम सजेस्ट किया और उसे मेरे होस्टिंग सर्वर पर उसने इनस्टॉल करके दे दिया, और मैंने लिखना शुरू कर दिया ! देखते ही देखते यह ब्लॉग तैयार हो गया और हमने इसे 18 मार्च 2018 को लाइव भी कर दिया ! तो दोस्तों ये है Law of Attraction की ताकत और ये हमारी सोंच के साथ मिलकर स्वतः काम करता है !

अब बात उठती है, की हम Law of Attraction के द्वारा अपने जीवन को कैसे एक सफल मुकाम दे सकते हैं, या इसे अपने जीवन में कैसे लागू कर सकते हैं ! इसके लिए आपको निचे दिए गए कुछ महत्वपूर्ण विन्दुओं पर अमल करना होगा, और आप देखेंगे की स्वतः आपके अंदर परिवर्तन आना शुरू हो जाएगा और आप देखते ही देखते अपना मुकाम हासिल कर लेंगे !

(1). सबसे पहले आप अपना लक्ष्य (Clear Goal) निर्धारित करें करें !

(Have A clear Goal about what you want) : यदि आपका goal clear नहीं है तो प्रकृति की शक्तियां आपकी वह मांग पूरी नहीं कर पाएंगी ! यदि आपकी मांग आधी, अधूरी और अश्पष्ट है तो परिणाम भी मिलेजुले आएंगे ! अतः सबसे पहले आप यह निश्चित कर लीजिए आप चाहते क्या है !

(2). इसके साथ ही आप यह विश्वास रखिये की आप जो चाहेंगे वो आपको मिलेगा !

(Believe you will achieve your Goal) : आपका विश्वास, आपके मन का प्रमुख रसायन शास्त्री है ! जब आपके विचार किसी वास्तु पर केंद्रित होते है तो उत्त्पन कॉस्मिक तरेंगे आपके लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होती है ! यदि आपको विश्वास है की आपकी सफलता ज़रूर संभव है तो आपकी सफलता ज़रूर संभव होगी ! अगर आपके लक्ष्य या सपनों में दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी है तो आपका सपना कभी हकीकत नहीं बन सकता ! दृढ़ इच्छाशक्ति ही Law of Attraction का आधार है, यह इच्छाशक्ति ही है जो आपको “लक्ष्य” से जोड़े रखती है और निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करती है !

अमेरिका के अमिर व्यक्ति सेम विल्सन ने लिखा था – मैं जितने की उम्मीद रखता हूँ, ये सोचकर की मैं ज़रूर विजयी होऊंगा. मैं कभी नहीं सोचता की मैं हार भी सकता हूँ ! मैं हमेशा यही सोचता हूँ की मुझे हर हाल में जितना हीं है और मेरा ऐसा सोचना ही इसके पूरा होने की भविष्यवाणी है ! इसके अलांवा मेडिकल साइंस में भी डॉक्टर नकली दवा पर विश्वास कराकर मरीज़ को ठीक कर देते है, जिसे प्लेसबो इफ़ेक्ट कहते है !

यह भी पढ़ें : अपनाइये पॉजिटिव सोंच को बढ़ाने के इन टिप्स को और लिख दीजिये अपनी सफलता की नयी कहानी !

(3). आप मान लीजिए की आपका लक्ष्य प्राप्त हो गया !

(Imagine you have achieved your Goal) : आपका जो भी लक्ष्य है, आप कल्पना कीजिये की वो आपको हासिल हो गया है ! ध्यान रखिये की आपकी कल्पना सुखद होनी चाहिए, तभी परिणाम भी अच्छे होंगे !

(4). अवचेतन मन की शक्ति का प्रयोग करे !

(Use Power of Subconscious Mind) : किसी भी व्यक्ति के Conscious Mind में 10 % शक्ति होती है और Subconscious Mind में 90% शक्ति होती है. अपने विचारों को कंट्रोल करके अपने आप को बार बार लक्ष्य की तरफ सोचने पर मजबूर करें ! रात को सोने से पहले और सुबह उठने के बाद थोड़ी देर के लिए शांत होकर बैठ जाये अपने दिमाग को एकदम शांत होने दे और अपने goal को पूरा होते हुए अनुभव करे ! इसी के साथ अपने संकल्प को बार बार दोहराए, यकीन मानिये सफलता आपकी होगी !

हम आपके स्वस्थ, सुखी एवं सफल जीवन की कामना करते हैं ! साथ ही उम्मीद करते हैं, की ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके तथा आपके परिवार एवं मित्रगणों के लिए लाभप्रद सिद्ध होगी ! यदि आप हमे कोई सुझाव देना चाहते हैं अथवा हमसे कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से दे अथवा पूछ सकते हैं ! धन्यवाद्…!!

SHARE
Previous articleकीजिये कुछ आसान उपाए और डायबिटीज को कहिये बाय बाय !
Next articleभारत का तीसरा गेट, सभ्यता द्वार (गेटवे ऑफ़ बिहार) !
नमस्कार...!! इस खूबसूरत संकलन को आपलोगों के समक्ष ज्ञानवाटिका संपादन टीम के द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिसके प्रधान सम्पादक और एडमिन विकास कुमार तिवारी जी हैं. इस खूबसूरत संग्रह को बनाने और आपके समक्ष लाने में कई दिन और कई रातों का सतत प्रयास शामिल है, और हम आगे भी इसी निष्ठा से आपके समक्ष महत्वपूर्ण तथा अनमोल जानकारियों को संकलित कर प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं...! इसके साथ ही हम इस बात के लिए भी आशान्वीत हैं की आप सभी अपना महत्वपूर्ण सुझाव देकर, इस खूबसूरत संकलन को और खूबसूरत बनाने में हमारी मदद अवश्य करेंगे !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here